अमरोहा, उत्तर प्रदेश :
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल में ‘फास्ट फूड’ (Fast Food) युवाओं के लिए एक धीमा जहर बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा (Amroha) से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर माता-पिता को चिंता में डाल दिया है। यहाँ 16 साल की एक होनहार छात्रा, अहाना, को पिज्जा, बर्गर और चाऊमीन खाने का शौक इतना महंगा पड़ा कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।

क्या है पूरा मामला?
अमरोहा के मोहल्ला अफगानान (Afghanan Mohalla) निवासी मंसूर खान की 16 वर्षीय बेटी अहाना, हाशमी गर्ल्स इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। परिजनों के मुताबिक, अहाना को घर का सादा खाना पसंद नहीं था। वह अक्सर बाहर का जंक फूड जैसे चाऊमीन, मैगी, पिज्जा और बर्गर खाती थी। इस आदत के चलते पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी।
आंतों में हो गए थे छेद (Intestine Perforation)
परिजनों ने बताया कि अहाना को पेट में अक्सर दर्द रहता था। 28 नवंबर को दर्द बढ़ने पर उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- मेडिकल रिपोर्ट: वहां जांच में पता चला कि अत्यधिक मैदा और जंक फूड खाने से उसकी आंतें आपस में चिपक गई थीं और उनमें छेद (Perforation) हो गए थे।
- सर्जरी: डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से करीब 7 लीटर दूषित पानी और मवाद निकाला।
AIIMS में तोड़ा दम
सर्जरी के बाद अहाना की हालत में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे AIIMS दिल्ली में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इन्फेक्शन बहुत ज्यादा फैल चुका है और आंतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इलाज के दौरान रविवार (21 दिसंबर) की रात अहाना को दिल का दौरा (Heart Failure) पड़ा और उसकी मौत हो गई।
विशेषज्ञों की राय: डॉक्टरों का कहना है कि फास्ट फूड में फाइबर (Fiber) बिल्कुल नहीं होता। इसे पचाने में आंतों को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लगातार मैदा खाने से यह आंतों में जमने लगता है, जिससे कब्ज, अल्सर और आंतों के फटने (Perforation) का खतरा बढ़ जाता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
अहाना अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उसके मामा, गुलजार खान ने बताया कि अहाना पढ़ाई में बहुत होशियार थी, लेकिन बाहर के खाने की जिद्द ने उसे उनसे छीन लिया।
Dintoday की अपील :
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अपने बच्चों के खानपान पर नजर रखें।
- हफ्ते में सिर्फ एक बार ही जंक फूड की अनुमति दें।
- खाने में हरी सब्जियां और सलाद अनिवार्य करें।
- पेट दर्द की शिकायत को हल्के में न लें।
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