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लिवर की दुर्लभ बीमारी के लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी नई एंटीबॉडी, बिना ट्रांसप्लांट के मिलेगा इलाज!

मेडिकल साइंस की दुनिया से लिवर के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब तक लाइलाज मानी जाने वाली और ट्रांसप्लांट पर निर्भर रहने वाली लिवर की एक दुर्लभ बीमारी के इलाज में एक नई दवा ‘उम्मीद की किरण’ बनकर उभरी है।

हाल ही में हुए एक अध्ययन (Study) में दावा किया गया है कि ‘Nebokitug’ (नेबोकिटग) नामक एक नई मोनोक्लोनल एंटीबॉडी, लिवर की दुर्लभ बीमारी ‘प्राइमरी स्केलेरोज़िंग कोलांगाइटिस’ (PSC) के इलाज में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

नई मेडिकल खोज: एंटीबॉडी ट्रीटमेंट (Nebokitug) क्षतिग्रस्त लिवर सेल्स को रिपेयर करते हुए (काल्पनिक चित्रण)।

क्या कहती है नई रिसर्च? (Study Findings)

‘अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी’ (American Journal of Gastroenterology) में प्रकाशित इस स्टडी का नेतृत्व अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-डेविस (UC Davis) ने किया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि:

क्यों खास है यह खोज?

अब तक PSC (Primary Sclerosing Cholangitis) के मरीजों के पास इलाज के बहुत सीमित विकल्प थे। गंभीर स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) ही एकमात्र सहारा बचता था। लेकिन Nebokitug के आने से हजारों मरीजों की जान बिना सर्जरी के बचाई जा सकेगी।

क्या है PSC बीमारी? (What is Primary Sclerosing Cholangitis?)

यह लिवर की एक पुरानी (Chronic) बीमारी है।

विशेषज्ञों की राय

डॉक्टरों का मानना है कि यह खोज हजारों जिंदगियों को बदल सकती है। यह एंटीबॉडी सीधे बीमारी की जड़ (सूजन और फाइब्रोसिस) पर वार करती है, जिससे मरीज को राहत मिलती है।

निष्कर्ष (Conclusion):

विज्ञान की यह प्रगति बताती है कि कोई भी बीमारी हमेशा के लिए ‘लाइलाज’ नहीं होती। अगर आप या आपके परिचित किसी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से नई तकनीकों और इलाजों के बारे में सलाह जरूर लें।

महत्वपूर्ण सवाल: क्या यह दवा भारत में उपलब्ध है? (FAQ)

Q1: क्या ‘Nebokitug’ दवा अभी बाजार में मिल रही है?

उत्तर: अभी नहीं। यह दवा फिलहाल क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trials) के चरण में है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-डेविस (UC Davis) के वैज्ञानिकों ने अभी इसके पहले चरण के नतीजों की पुष्टि की है। आम मरीजों तक पहुँचने में इसे अभी कुछ समय और लग सकता है।

Q2: क्या इसके कोई साइड इफेक्ट्स (Side Effects) हैं?

उत्तर: ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक के परीक्षणों में इस दवा ने सुरक्षा (Safety) के अच्छे मानक दिखाए हैं। इसने लिवर की सूजन को कम किया है और कोई गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। हालांकि, पूर्ण सुरक्षा की पुष्टि अगले चरणों के ट्रायल्स के बाद ही होगी।

Q3: यह दवा किन मरीजों के लिए है?

उत्तर: यह दवा विशेष रूप से प्राइमरी स्केलेरोज़िंग कोलांगाइटिस (PSC) के मरीजों के लिए विकसित की जा रही है, जो एक दुर्लभ लिवर बीमारी है।।

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