
एक्सपायरी दवाएं कब और कैसे फेंकें? जानिए डॉक्टर का सुझाव
बिना सोचे-समझे फेंकी गई एक्सपायरी दवाएं न सिर्फ आपके परिवार के लिए बल्कि पूरे पर्यावरण के लिए खतरा बन सकती हैं। इसी को लेकर एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने दवाओं को नष्ट करने का सही और सुरक्षित तरीका बताया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
🧪 एक्सपायरी दवा से क्या नुकसान हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सपायर्ड दवाओं का गलत तरीके से निस्तारण (disposal) करने से ये ज़हरीले केमिकल्स के रूप में मिट्टी और जल स्रोतों में मिल सकती हैं। इससे ना सिर्फ प्रदूषण फैलता है, बल्कि यदि कोई व्यक्ति इनका दोबारा सेवन कर ले तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
🥼 डॉक्टर का सुझाव: ऐसे करें दवाओं का सुरक्षित निस्तारण
डॉक्टर के अनुसार, एक्सपायर्ड दवाओं को नष्ट करने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है:
- दवा को मिट्टी, कॉफी या चाय की पत्ती में मिलाएं।
- इस मिश्रण को एक पैकेट या थैले में भरें।
- पैकेट को अच्छी तरह से सील करें।
- फिर इसे सामान्य कचरे में न डालें, बल्कि डस्टबिन में अलग से फेंकें।
- दवा के स्ट्रिप या बॉक्स से लेबल हटा दें ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके।
🗣️ डॉक्टर ने कहा, “लोग अक्सर एक्सपायरी दवाओं को नाली में बहा देते हैं या सीधे डस्टबिन में फेंकते हैं, जिससे पर्यावरण और दूसरों की जान खतरे में पड़ सकती है। सही तरीका अपनाना बेहद ज़रूरी है।“
🗑️ क्या कहती हैं सरकारी गाइडलाइंस?
स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक, दवाओं को सीधे पानी या जमीन में डालना वर्जित है। भारत में अब कुछ राज्यों में मेडिसिन डिस्पोजल कियोस्क भी लगाए जा रहे हैं, जहां आप एक्सपायरी दवाएं जमा कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधा अब तक सिर्फ चुनिंदा शहरी अस्पतालों में उपलब्ध है।
📱 जनता की प्रतिक्रिया
लोगों ने इस जानकारी को सोशल मीडिया पर खूब सराहा है। ट्विटर यूजर @EcoLifeIndia ने लिखा,
“ऐसी जरूरी बात हमें स्कूलों और टीवी विज्ञापनों के ज़रिए भी बताई जानी चाहिए।“
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “मैं तो अब तक दवाओं को ऐसे ही फेंकता रहा, आज सही तरीका सीखा।“
📍 निष्कर्ष
एक्सपायरी दवाओं को फेंकने का तरीका जितना आसान लगता है, उतना ही संवेदनशील भी है। एक छोटी सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है। डॉक्टरों और सरकार के सुझावों के अनुसार, हमें जिम्मेदारी से दवाओं का निस्तारण करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण – दोनों की सुरक्षा बनी रहे।
अगर आपके पास इससे जुड़े और सवाल हैं, तो नीचे कमेंट करें या हमें dintoday.com@gmail.com पर लिखें।
